Tum tumhare ho
Thursday, March 27, 2014
तेरे ज़िक्र
तेरे ज़िक्र में भी इतनी तसल्ली है,
कि हर बार दुआ क़ुबूल सी होती है,
जब भी तेरा नाम सुनाई देता है।
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)