Sunday, September 29, 2013

Duaa



तू है तो ख़ुशी हर पल मुस्कान बन के साथ निभाती है,
तेरी हर बात एक कमाल सा कर जाती है,
'
मेरी ख़ुशी में, तेरी ख़ुशी है', अक्सर ये कहते हो तुम,
हर दर्द को हौले से समेत देते हो तुम।

तुम्हारा
साथ कुछ ऐसा है, चाहे हो रूठे लम्हों के साथ भी,
अगर कभी गम के बादल छाये,
तो टूट  के बरसे  उस रात ही ...

कि मैं मुस्कुरा देती हूँ तब भी, जब तुम मुझसे दूर होते हो,
ये भी क्या जादू सा है, जो तुम्हारी मुसकान को मेरु मुस्कान से जोड़ जाता है,
तेरे होने का फक्र चारों तरफ नज़र आता है।

दुआ
का दिन तो हर रोज़ का है,
पर आज कुछ अलग कुछ ख़ास है,
दुआ है - " तू जीते हर बाज़ी, बिखेरे  खुशियाँ, रहे सबके साथ जश्न से, और मुस्कुराये हर बारी"

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